शिक्षा विभाग में पदस्थ शिक्षकों के लिए इ अटेंडेंस जी का जंजाल बन चुकी है। हमारे शिक्षक एप में इतनी कमियां हैं कि उन कमियों को दूर किए बिना ही उसे शिक्षकों के वेतन सिस्टम से भी जोड़ दिया गया है।
सुबह शाला पहुंचते ही शिक्षक राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत एवं प्रार्थना जैसे अनिवार्य कामों को छोड़कर मोबाइल हाथ में लेकर नेटवर्क तलाशते हुए इधर-उधर स्कूल प्रांगण में घूमते दिखाई देते हैँ। हमारे शिक्षक अप कभी चेहरा पहचानने से इनकार कर देता है तो कभी साला प्रांगण की दूरी हजारों मीटर दूर दिखने लग जाता है तो कभी कहता है आंखें बंद करें कभी कहता है गार्डन दाएं तरफ करें कभी कहता है गण बाई तरफ करें शिक्षक इस तरह बच्चों के सामने साला प्रांगण में हरकतें करते हुए दिखाई देते हैं और बच्चे शिक्षकों का मजाक उड़ाते हुए हंसते हुए दिखाई देते हैं ऐसा लगता है कि जो शिक्षक शिक्षा देने के लिए नियुक्त हुए थे आज प्रशासन द्वारा हमारे शिक्षक ऐप द्वारा इ अटेंडेंस बिना कर्मियों को सुधरे हुए वेतन से जोड़ दिए जाने के कारण मानसिक रूप से इतना भयभीत होने लग गया है कि वह छात्रों को पढ़ते समय भी अपना मन एकाग्र नहीं कर पता है हमेशा उसे भाई बना रहता है कि अपने जिस परिवार के भरण पोषण के लिए वह नौकरी कर रहा है यदि नौकरी करने के बाद भी उसकी सैलरी कट्टी है तो भाई भी तो होना स्वाभाविक ही है हमारे संवाददाता ने जब कई शिक्षकों से संपर्क किया तो उनके द्वारा कुछ स्क्रीनशॉट हमारे शिक्षक अप के भेजे गए जिम वह साला प्रांगण में खड़े हुए हैं लेकिन फिर भी साल की दूरी 78000 मीटर दूर बताइए जा रही है शिक्षक सामने खड़े हैं लेकिन फिर भी उनका चेहरा पहचानने से इनकार किया जा रहा है हमारे शिक्षक अप में यदि शिक्षक सुबह स्कूल आता है और वह बीमार हो जाता है और आधे समय बाद यदि वह किसी डॉक्टर के पास या घर जाने के लिए साला छोड़ता है तो हमारे शिक्षक अप में हाफ कल का भी कोई ऑप्शन नहीं है क्योंकि हॉफसीएल स्वीकृति का कहीं भी कोई ऑप्शन नहीं है और यदि वह बिना स्वीकृत कराए हुए आप सीरियल पर जाता है तो उसे अनुपस्थित मान लिया जाता है और उसकी वेतन काटने की भी निर्देश दिए गए हैं अभी कुछ दिन पूर्व जिओ नेटवर्क फेल हुआ था जिसके कारण हजारों शिक्षक यह अटेंडेंस लगाने से वंचित रह गए थे इस संबंध में भी कई जिले के जिले से जिला शिक्षा अधिकारियों एवं ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों ने उसे दिन का वेतन आहरण नहीं करने के लिए पत्र भी जारी कर दिए हैं जो शिक्षक को मानसिक रूप से अंदर ही अंदर झकझोर रहे हैं शिक्षकों की वेदना को न तो प्रशासन समझ रहा है और ना वरिष्ठ अधिकारी समझ रहे हैं वह भयभीत होकर शिक्षा देने का प्रयास कर रहा है लेकिन जहां भाई होगा जब तक हमारा शिक्षक भाई मुक्त नहीं होगा तब तक वहां शैक्षणिक वातावरण पूर्ण रूप से निर्मित से नहीं हो सकता है जब भाई मुक्त शिक्षा छात्रों के लिए दी जा सकती है तो प्रशासन द्वारा यह क्यों नहीं सोचा जाता है कि शिक्षकों को भी भाई मुक्त वातावरण दें ताकि वह मन लगाकर के अपने कर्तव्य का निर्वहन कर सकें और अपने दायित्वों को पूरा कर सकें इस समाचार के माध्यम से प्रशासन से आग्रह है कि हमारे शिक्षक अप में जो कमियां हैं उन कमियों पर को पहले सुधर जाए और उन कमियों को सुधारने के पश्चात ही उसे वेतन सिस्टम से जोड़ा जाए ताकि किसी भी शिक्षक का किसी भी रूप में कोई आर्थिक नुकसान ना हो क्योंकि उसका परिवार भी उसकी नौकरी पर ही निर्भर है। दिन प्रतिदिन शिक्षकों के संगठन प्रशासन से आग्रह करते हुए दिखाई देते हैं लेकिन फिर भी प्रशासन का किशोर बिल्कुल भी ध्यान नहीं है इसलिए इस समाचार के माध्यम से माननीय शिक्षा मंत्री महोदय जी से आग्रह करना चाहूंगा कि वह हमारे शिक्षक अप में जो तकनीकी कमियां हैं उन कमियों को दूर करवा कर जब अप की सारी कमियां दूर हो जाए तभी वेतन सिस्टम से जोड़ने की कृपा करें जिससे के शिक्षक भाई मुक्त होकर के भाई मुक्त वातावरण में भाई मुक्त शिक्षा विद्यार्थियों को प्रदान कर सकें जब गुरुजियों की स्वयं की दशा भयभीत होगी तो वह छात्रों को वास्तविक रूप से शिक्षा देने में असमर्थ ही रहेगा और शिक्षा व्यवस्था कहीं ना कहीं से दिन प्रतिदिन सुधारने की अपेक्षा बिगड़ी हुई नजर आ रही है।