ग्वालियर : ई-अटेंडेंस द्वारा बेतन आहरण से शाला प्रभारियों को मीटिंगो में जाने से लगने लगा डर। आधे दिन की बेतन का हो सकता है नुकशान।
मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा जिला ग्वालियर के कार्यकारी जिला अध्यक्ष एवं मध्य प्रदेश शिक्षक कांग्रेस जिला ग्वालियर के जिला अध्यक्ष सुरेश चंद्र रावत द्वारा इ अटेंडेंस से संबंधित शिक्षकों की समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया है एक जुलाई से वेतन आहरण भी ई-अटेंडेंस के माध्यम से निकालने के निर्देश लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी कर दिए गए हैं। उक्त आदेश के कारण शाला प्रभारियों के समक्ष सबसे बड़ी समस्या उत्पन्न हो रही है। अक्सर वरिष्ठ कार्यालय संकुल केंद्र, जन शिक्षा केंद्र एवं AEO केंद्रों पर मीटिंगों का आयोजन शाला समय के मध्य में किया जाता है। तब तक शाला प्रभारी शाला में पहुंचकर अपनी ई-अटेंडेंस लॉगिन कर, आने के समय की लगा देता है।
जब वह मीटिंग में जाता है तो वहां से उसकी अटेंडेंस जाने की मार्क नहीं होती है क्यों कि हमारे शिक्षक में ऐसा कोई ऑप्शन नहीं है कि सुबह स्कूल पर आने कि अटेंडेंस लगाने के बाद जाने कि ऑन ड्यूटी लग सके। यदि वह लोग आउट के लिए वापस शाला जाता है तो संकुल केंद्र, जन शिक्षा केंद्र एवं AEO केंद्रों की दूरी अधिक होने से प्रभारी पर पेट्रोल खर्च का भार बढ़ता है तथा एक दिन में दो बार शाला आने जाने का समय भी बढ़ता है।
शाला प्रभारियों को शाला प्रभार का कोई अलग से मानदेय या वाहन भत्ता भी नहीं दिया जाता है जिसके कारण अक्सर शालाओं में प्रभार लेने से शिक्षक कतराते हैं तथा स्टाफ भी मिलजुल कर तालमेल से काम नहीं कर पाता है। शाला प्रभारी मीटिंग वाले दिन का आधा वेतन कटने के भय से मानसिक रूप से परेशान हैं और अपना मन लगाकर कार्य भी सही ढंग से नहीं कर पा रहे हैं। उक्त समस्या की ओर मध्य प्रदेश शिक्षक कांग्रेस जिला ग्वालियर के जिला अध्यक्ष एवं संयुक्त मोर्चा के कार्यकारी जिला अध्यक्ष सुरेश चंद्र रावत द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों एवं प्रशासन से निवेदन किया है कि उक्त समस्या का समाधान कर वेतन आहरण अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी करने का कष्ट करें ताकि शाला प्रभारी अपने कर्तव्य का बिना किसी मानसिक दबाव के निर्वहन कर सकें।
उक्त समस्या को हल करने के संबंध में जितेंद्र सिंह सिकरवार, अरविंद कुमार शर्मा, अविनाश नारोलिया, प्रदीप राठौर, शिवराज सिंह प्रजापति, अर्चना माझी, देवेंद्र भारती, संजय राजावत, अजय मेहरा, शरद कुमार शांडिल्य, कमल शर्मा, राजीव कुमार शर्मा, अर्चना चौधरी, अर्चना द्विवेदी, पंकज तिवारी, पंचम सिंह राजपूत, संतोष दोहरे, विष्णु कुमार गुप्ता, सीमा श्रीवास्तव, तुलसी रावत, इंद्रपाल सिंह सिकरवार, मुकेश शर्मा, किरण माहौर, श्रीनिवास शर्मा मेहरुन्निसा, हाकिम सिंह धाकड़, विष्णु कुमार गुप्ता एवं अनेक शिक्षक शिक्षिकाओं ने वरिष्ठ अधिकारियों एवं प्रशासन से उक्त समस्या को शीघ्र हल करने की मांग की है ताकि शिक्षक भयमुक्त होकर छात्रों को शिक्षा दे सकें और अपने कर्तव्य का निर्वहन कर सकें।